राजस्थान की प्रसिद्ध लोकनृत्य शैली—’कच्छी घोड़ी’ नृत्य
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर प्रस्तुत की गई लोक कला–संस्कृति की एक जीवंत और मनमोहक झलक दिखाती है। इस […]
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर प्रस्तुत की गई लोक कला–संस्कृति की एक जीवंत और मनमोहक झलक दिखाती है। इस […]
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान प्रस्तुत एक मनमोहक सांस्कृतिक पल को दर्शाती है। फ़ोटो में युवा कलाकारों का समूह पारंपरिक
कुरुक्षेत्र • 16 नवंबर 2025 राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने कहा कि “समाज को भारतीय संस्कृति से जोड़े रखने के
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान ब्रह्मसरोवर के पावन तट पर लगे सरस व शिल्प मेला में पर्यटक बड़ी संख्या में
स्टॉल नंबर 137 — रंगीन डबल बेडशीट्स बना पर्यटकों का फेवरेट! कुरुक्षेत्र • 16 नवंबर 2025 अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के
किसी ने सच ही कहा है, हौसला हो तो राहें खुद बन जाती हैं, उम्र तो बस संख्या है, मंज़िलें
शंखनाद और मंत्रोच्चारण की पवित्र ध्वनियों के बीच राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष ने ब्रह्मसरोवर पर सांयकालीन महाआरती और दिव्य
Floral Elegance Meets Devotion At the heart of the International Gita Mahotsav, this stunning rangoli made of vibrant flower petals
“कुरुक्षेत्र की गूंज”शौर्य की भूमि, धर्म की छाया,जहाँ हर स्वर में गीता की माया।केसरिया वेश, पगड़ी की शान,बजते हैं ढोल,
Amid the vibrant tapestry of Kurukshetra, three soulful musicians breathe life into centuries-old melodies. Dressed in pristine white turbans and
Where Culture Meets Celebration From vibrant traditional outfits to joyful folk performers, these moments beautifully capture the spirit of Gita