International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

05–25 December 2026

About Bhajan Sandhya at International Gita Mahotsav

धर्म, तप, कर्म, ज्ञान, भक्ति और आध्यात्मिक चेतना की पावन भूमि धर्मक्षेत्र-कुरुक्षेत्र में भजन संध्या एवं महाआरती एक दिव्य और अविस्मरणीय अनुभव प्रदान करती है। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान पवित्र ब्रह्म सरोवर के पुरूषोत्तम पुरा बाग में श्री कात्यायनी मंदिर के पास तट पर यह आयोजन विशेष रूप से श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र होता है।
सायंकाल होते ही वातावरण भक्तिमय हो उठता है। भजन संध्या में प्रसिद्ध भजन गायकों एवं स्थानीय कलाकारों द्वारा भगवान श्रीकृष्ण की महिमा का गुणगान किया जाता है। मधुर भजनों, कीर्तन और संकीर्तन के स्वर मन को शांति और आत्मा को आनंद से भर देते हैं।
महाआरती के समय दीपों की उजास से सरोवर का तट आलोकित हो उठता है। मंत्रोच्चारण, शंखनाद और आरती के पावन गीतों के साथ जब सामूहिक आरती की जाती है, तो पूरा वातावरण दिव्यता से भर जाता है। श्रद्धालु हाथों में दीपक लेकर प्रभु के चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करते हैं और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव करते हैं।
भजन संध्या एवं महाआरती केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, परंपरा और भक्ति भावना का जीवंत स्वरूप है। यह कार्यक्रम सभी आयु वर्ग के लोगों को एक सूत्र में बाँधता है और जीवन में शांति, सद्भाव और आध्यात्मिक चेतना का संचार करता है।

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