International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

05–25 December 2026

About Saras Mela

अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव के मुख्य आकर्षणों में से एक है सरस व शिल्प मेला। पवित्र ब्रह्मसरोवर के पूर्वी भाग में शिल्प मेला व पश्चिमी भाग में सरस मेले का आयोजन किया जाता है। शिल्प मेले में देश व विदेश के कलाकार, शिल्पकार, चित्रकार कुम्भकार, मूर्तिकार तथा अन्य हस्तशिल्प विशेषज्ञ भाग लेते हैं। वहीं, सरस मेले में राष्ट्रीय आजीविका मिशन के अंतर्गत राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत पंजीकृत महिला स्वयं सहायता समूहों द्वारा बनाए गए उत्पादों, ग्रामीण कारीगरों द्वारा तैयार हस्तशिल्प व हैंडलूम उत्पादों की बिक्री हेतु स्टॉल लगाए जाते हैं।
सरस व शिल्प मेला भारतीय संस्कृति, परंपरा, आजीविका और रचनात्मकता का सजीव मंच है। इस मेले में देश के कोने-कोने से आए कारीगर अपनी पारंपरिक हस्तकला, हथकरघा, मिट्टी, लकड़ी, धातु एवं वस्त्र-शिल्प के माध्यम से भारत की समृद्ध विरासत को जीवंत रूप में प्रस्तुत करते हैं।
यह मेला ग्रामीण कारीगरों और स्वयं सहायता समूहों को सीधा बाजार उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में आगे बढ़ाता है। विशेष रूप से महिलाओं की भागीदारी इस आयोजन को सामाजिक समावेशन और आत्मनिर्भरता का सशक्त उदाहरण बनाती है।
मेले का एक अन्य प्रमुख आकर्षण विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों के स्टॉल हैं, जो पर्यटकों को भारत की विविध स्वाद-संस्कृति से रूबरू कराते हैं। साथ ही लोक-संगीत, नृत्य और शिल्प प्रदर्शन इस अनुभव को और भी जीवंत बनाते हैं।
समग्र रूप से, सरस व शिल्प मेला ‘वोकल फॉर लोकल’, स्वदेशी उत्पादों के प्रचार, सांस्कृतिक संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने का प्रभावी माध्यम है, जो अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव को जन-जन से जोड़ता है।

Scroll to Top