रंग, जोश और परंपरा का संगम
रंग, उत्साह और लोकनृत्य की जोशीली छलांग अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के मंच को जीवंत बना देती है। पारंपरिक नृत्य में […]
रंग, उत्साह और लोकनृत्य की जोशीली छलांग अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के मंच को जीवंत बना देती है। पारंपरिक नृत्य में […]
रंग, मुस्कान और परंपरा का यह अद्भुत संगम अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की रौनक को और भी मनमोहक बना देता है।
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के दौरान लगा रक्तदान शिविर मानवता की उस उजली भावना का प्रतीक है, जो दिलों को जोड़ती
गांव की मिट्टी की महक और उम्र के साथ निखरी हुई गरिमा—इस मुस्कान में अनुभव की शांति और जीवन की
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की स्वर–सरिता में डूबा यह सांस्कृतिक पल मन को छू लेने वाला है। लोक कलाकारों की टोली,
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की जीवंत धुनों में आज कुरुक्षेत्र की आत्मा गूंज उठी। पीली पगड़ी, फूलों की मालाएँ और पारंपरिक
नीले आसमान के नीचे जब तिरंगा शान से लहराता है और उसके साथ अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 का गुब्बारा उड़ान
कुरुक्षेत्र, 4 दिसंबर। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 के अंतर्गत हरियाणा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी द्वारा स्थापित गीता पुस्तक मेले के साहित्य
कुरुक्षेत्र, 4 दिसंबर। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 के अवसर पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के केंद्रीय संचार ब्यूरो, हिसार द्वारा ब्रह्मसरोवर
कुरुक्षेत्र, 4 दिसंबर। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 में कला और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। स्टॉल संख्या
कुरुक्षेत्र, 4 दिसंबर। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में स्थापित हरियाणवी पैवेलियन आज हरियाणवी संस्कृति की धूम से गूंज उठा। पुरुषोत्तमपुरा बाग,
कुरुक्षेत्र, 4 दिसंबर। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 में इस वर्ष भी शिल्पकार अपने पारंपरिक हस्तकला उत्पादों के साथ उपस्थित हुए। उत्तरी