International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

JAPAN

जनजातीय संगीत में बसी संस्कृति की धड़कन

ढोल की गूंज और संस्कृति की धड़कन—अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के मंच पर यह जोशीला आदिवासी वादन परंपरा, शक्ति और सामूहिक ऊर्जा का अद्भुत प्रदर्शन है। लकड़ी के ढोल की ताल पर थिरकते कदम, रंगीन पारंपरिक परिधान और चेहरे पर झलकती गर्व की चमक—यह दृश्य भारत की जनजातीय विरासत को अपने सबसे जीवंत रूप में प्रस्तुत करता है। संगीत ऐसा है जो धरती से उठकर सीधे दिल तक पहुँचता है।

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