International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

हरियाणा पैवेलियन पर्यटकों को हरियाणा की ग्रामीण लोक कला से करवा रहा है रुबरु

अन्तर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव 2021 में लगाए गए हरियाणा पेवेलियन में लोग हरियाणा की ग्रामीण लोक कला संस्कृति से रूबरू हो रहे हैं। बच्चों से लेकर युवाओं एवं बुजुर्गों में हरियाणा पेवेलियन आकर्षण का केन्द्र बना हुआ है। अन्तर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव को देखने आए जिला कैथल के गांव शिवमाजरा के राजकीय वरिष्ठï माध्यमिक विद्यालय के बच्चों ने हरियाणा पैवेलियन का अवलोकन करने के उपरांत इस पैवेलियन की सराहना करते हुए कहा कि पैवेलियन में उन्हें प्राचीन हरियाणवी संस्कृति को देखने का अवसर मिला है। स्कूल के डीपी शमशेर ने कहा कि वे 51 स्कूली बच्चों को लेकर इस महोत्सव को देखने आए है जिससे की बच्चों को हरियाणवी संस्कृति के साथ-साथ अन्तर्राष्टï्रीय गीता जंयती महोत्सव के बारे जानकारी मिल पाए। इसी स्कूल के एएम स्कूल एजुकेशन राकेश कुमार ने कहा कि हरियाणा पैवेलियन में उन्होंने म्हारा हरयाणवी बाणा स्टॉल में आन, बान और शान की प्रतीक हरियाणवी पगड़ी को पहनकर हरियाणवी संस्कृति का सुखद अनुभव हुआ है। स्कूल की 11वीं कक्षा की छात्रा लवप्रीत ने कहा कि पहली बार गीता जंयती महोत्सव देखने आई है और उन्हें राज्यस्तरीय प्रदर्शनी में विभिन्न विभागों द्वारा फैलक्स के माध्यम से हरियाणा सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे जानकारी मिली है। लवप्रीत ने कहा कि उसे हरियाणा पैवेलियन में गांव के कुएं पर हरियाणवी वेशभूषा में पनिहारन द्वारा मटके में पानी भरने का स्टैच्यू बेहद आकर्षक लगा है और उसने उसके साथ सैल्फी भी ली है। कक्षा 11वीं की छात्रा नवजोत ने बताया कि हरियाणा पैवेलियन में उसे हरियाणा कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग द्वारा लगाई गई चित्रकला प्रदर्शनी में महाभारत युद्घ के समय के विभिन्न दृश्यों को चित्रों के माध्यम से दर्शाया गया है, महाभारत पर आधारित इस चित्रकारी को देखकर उसे बहुत ही अच्छा लगा। ग्रीन सिटी कुरूक्षेत्र के वरिष्ठï नागरिक हीरा लाल तथा नत्था सिंह ने अन्तर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव एवं हरियाणा पैवेलियन देखने के उपरांत उसकी प्रशंसा करते हुए कहा कि यह हरियाणा सरकार का एक सराहनीय कदम है, जहां पर युवा पीढ़ी को श्रीमदभगवद गीता का ज्ञान मिलने के साथ-साथ अपनी प्राचीन समृद्घ हरियाणवी संस्कृति को नजदीक से देखने का मौका मिल रहा है।

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