गीता महोत्सव के पावन महोत्सव पर विभिन्न देशों की संस्कृतियों को मिला बढ़ावा
विभिन्न राज्यों के पर्यटक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे अपने-अपने राज्यों के लोक नृत्यों का खूब आनंद ले रहे
विभिन्न राज्यों के पर्यटक कलाकारों द्वारा प्रस्तुत किए जा रहे अपने-अपने राज्यों के लोक नृत्यों का खूब आनंद ले रहे
एनजेडसीसी के अधिकारी भूपेंद्र सिंह का कहना है कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में हर वर्ष कच्ची घोड़ी के कलाकार पहुंचते
उत्तराखंड की शिल्पकार रीटा शर्मा का विशेष लगाव है अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के साथ, 1 चादर पर पैचवर्क और एम्ब्रोडरी
सांध्यकालीन महाआरती में मॉरिशिस के प्रधानमंत्री के के पुत्र पूर्व सचिव डा. नीति सागर रामबरन ने की शिरकत, भजन संध्या
महोत्सव में सोलावुड, बांस व कपड़े के फूलों को पसंद किया पर्यटकों ने, 20 रुपए से लेकर 40 रुपए में
जम्मू और कश्मीर के लोकगीत और संगीत भी इस महोत्सव का एक महत्वपूर्ण आकर्षण होंगे। इन लोकगीतों और संगीत में
सांध्यकालीन गीता आरती का आगाज हुआ। ब्रहमसरोवर की फिजा को शंखों व वाद्य यंत्रों से निकली धुनों ने जहां पूरे
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का समापन दीप दान के साथ होगा, लेकिन इस बार दीपदान 23 दिसंबर को होगा, जबकि समापन
शिल्पकार सिराज के स्टॉल पर शिल्क की एक दर्जन से ज्यादा वैरायटी के रखें है साडी, सूट सालो से अंतर्राष्ट्रीय
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