सांझी माता की मनमोहक झांकी: गीता जयंती महोत्सव में भक्ति और संस्कृति का अद्भुत संगम
लाड़वा Hindu High School में आयोजित गीता जयंती महोत्सव के पावन अवसर पर सांझी माता की अद्भुत झांकी ने सभी […]
लाड़वा Hindu High School में आयोजित गीता जयंती महोत्सव के पावन अवसर पर सांझी माता की अद्भुत झांकी ने सभी […]
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अंतर्गत पुरुषोत्तमपुरा बाग, ब्रह्मसरोवर में हुई सांध्यकालीन महाआरती ने पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति की
हरियाणा पवेलियन का फूड कोर्ट गीता महोत्सव के आगंतुकों के लिए एक अद्भुत अनुभव पेश करता है। यहाँ देसी और
लकड़ी के कोल्हू में तैयार किया गया यह 100% प्राकृतिक सरसों का तेल स्वास्थ्य, स्वाद और परंपरा का सच्चा संगम
घाघरा-चुनरी की चमक, देसी कढ़ाई की सुंदरता और पारंपरिक आभूषणों की रौनक—यह स्टॉल हरियाणा की लोक-संस्कृति और साज-सज्जा की असली
काँच की चूड़ियाँ, मोतियों की मालाएँ, हाथों की कारीगरी और देसी डिज़ाइनों की छटा—यह स्टॉल हरियाणा की संस्कृति में बसे
चमचमाते पीतल और तांबे के ये सुंदर बर्तन स्वास्थ्य, परंपरा और ग्रामीण कारीगरी की अनोखी पहचान हैं। अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव
रंग-बिरंगे धागों और मजबूत लकड़ी से बुनी यह परंपरागत खाट गाँवों की सादगी, मेहनत और कला का अनूठा संगम प्रस्तुत
ग्रामीण झांकी में बैठी बुजुर्ग महिला और पास खड़ा नन्हा बच्चा हरियाणा के गाँवों की उस परंपरा की याद दिलाते
लकड़ी की खूबसूरत नक्काशी और देहाती कारीगरी से सजी यह बैलगाड़ी गाँवों के उन सुनहरे दिनों की याद दिलाती है
दो ग्रामीण बुजुर्ग हुक्का गुड़गुड़ाते हुए, साथ में रखा विंटेज रेडियो—ये झांकी उस दौर की याद दिलाती है जब गाँव
पालने में झूलते नन्हे बच्चे और उसके आसपास बैठी ग्रामीण महिलाएँ हरियाणा के घर-आंगन की गर्माहट और अपनापन दिखाती हैं।