International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

05–25 December 2026

ढोल की गूंज और लोकनृत्य की लय से गूंजा गीता महोत्सव

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की धड़कन उस समय और तेज़ हो उठती है, जब ढोल की गूंज और पारंपरिक नृत्य के कदम एक ही लय में थिरकते हैं। कलाकारों की ऊर्जावान प्रस्तुतियाँ ऐसा वातावरण रचती हैं, जहाँ हर दिशा ऊर्जा, उमंग और सांस्कृतिक गौरव से भर जाती है। ये कलाकार केवल ताल नहीं बजाते—वे भारत की लोकसभ्यता, परंपराओं और भावनाओं को अपने हर कदम, हर लय और हर मुस्कान के साथ जीवंत कर देते हैं।

Scroll to Top