International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

05–25 December 2026

हाथों की अनोखी कारागिरी से सजा ब्रह्मïसरोवर का पावन तट

सरस और शिल्प मेले में हाथों की कला को देखकर आश्चार्य चकित हुए पर्यटक, हस्त शिल्प कला ने बदला ब्रह्मïसरोवर के पावन तट की फिजा का रंग
अन्तर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2023 में 7 दिसंबर से 24 दिसंबर तक लगे सरस और शिल्प मेले में विभिन्न राज्यों से पहुंचे शिल्पकारों की हाथों की अनोखी कारागिरी से ब्रह्मïसरोवर का पावन तट सज चुका है। इस महोत्सव के सरस और शिल्प मेले में इन शिल्पकारों की हाथ की कला को देखकर महोत्सव में आने वाला प्रत्येेक पर्यटक आश्चार्य चकित हो रहा है। अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव शिल्पकार जिआर हक ने बताया कि वे असम राज्य से आए है और वे अपने साथ बांस से बनी सुंदर-सुंदर घर की सज्जा सजावट का सामान अपने साथ लेकर आए है।
यह महोत्सव शिल्पकारों को लुप्त हो चुकी हस्त शिल्पकला को उजागर करने का एक अच्छा मंच देता है। इस महोत्सव में वे अपने साथ बांस से बने घर की सज्जा सजावट का सामान फू्रट बास्केट, फ्लावर पोर्ट, दीवार सिनरी, कप प्लेट, वॉल हैंगिंग, टेबल लैम्प, बांस से बनी पानी की बोतल इत्यादि सामान लेकर आए है। यह सब सामान वे असम में बांस से बनाते है तथा इस सामान को बनाने के लिए 10 से 12 लोग काम करते है। वे अपनी इस हस्त शिल्पकला से दूसरे लोगों को रोजगार के अवसर भी प्रदान करते है। इनकी कीमत 50 रुपए से लेकर 1 हजार रुपए तक है तथा वे अपनी इस कारागिरी को दूसरे कई राज्यों में भी दिखाते है और पर्यटक इनकी जमकर खरीददारी कर रहे है।

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