International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

पत्थर के चूरे को शिल्पकला से दिया भगवान श्रीकृष्ण का स्वरुप

शिल्पकार सुधीर और वर्षा को स्टोन डस्ट मुर्ति बनाने पर मिला स्टेट अवार्ड, राजस्थान के अजमेर जिले से 15 सालों से महोत्सव में पहुंच रहे है शिल्पकार, 5डी पेंटिंग कर रही है पर्यटकों को आकर्षित
कुरुक्षेत्र 11 दिसंबर पत्थर के चूरे को शिल्पकला से भगवान श्रीकृष्ण, गौतम बुद्घ सहित अन्य महान लोगों का स्वरुप दिया गया है। इस शिल्पकला से प्रभावित होकर राजस्थान सरकार ने शिल्पकार सुधीर और वर्षा को स्टेट अवार्ड से सम्मानित किया। इन दोनों शिल्पकारों ने समय की मांग के अनुसार पत्थर के चूरे से मूर्तियों के साथ-साथ अब पेंटिंग बनाने का भी कार्य शुरु किया है। अहम पहलू यह है कि इस मुकाम तक पहुंचने में प्रधानमंत्री रोजगार योजना ने अहम भूमिका अदा की है। इस योजना से शिल्पकारों को आर्थिक सहायता मिल पाई और इस आर्थिक सहायता के बल पर ही अपनी मंजिल तक पहुंच पाए है।
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2023 में स्टॉल नंबर 33 पर राजस्थान के अजमेर जिले से शिल्पकार सुधीर और वर्षा ने स्टोन ग्रोईंग की शिल्पकला को रखा है। उन्होंने बातचीत करते हुए कहा कि अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव से पिछले 15 सालों से नाता रहा है, यहां की आबो हवा और व्यवस्था उन्हें बेहद पसंद है। इसलिए अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में पर्यटकों के लिए कुछ ना कुछ नई शिल्पकला के साथ पहुंचते है। इस वर्ष 5 डी पेंटिंग तैयार करके लाए है। इस पेंटिंग को देखने से ऐसा महसूस होता है कि जैसे कोई भी दृश्य एक दम उनके सामने खड़ा हो। इस पेंटिंग्स को पर्यटक काफी पसंद कर रहे है और इस पेंटिंग की कीमत महज 700 रुपए तय की है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री रोजगार योजना का सहयोग नहीं मिलता तो शायद महोत्सव की दहलीज तक नहीं पहुंच पाते। इस योजना से 1.5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता मिली। इस राशि से समान खरीदा और पत्थर के चूरे से मूर्तियां तथा पेंटिंग तैयार की। इस शिल्पकला को खूब सराहा गया और सरकार की तरफ से स्टेट अवार्ड से भी सम्मानित किया गया। अब चूरे से पेंटिंग बनाने का कार्य कर रहे है तथा कैनवस पर भी पेंटिंग तैयार की जा रही है। इसके अलावा 5डी पेंटिंग भी आज के समय की मांग को पूरा करने का काम कर रही है। इस पेंटिंग में स्पार्कल वर्क को भी काफी पंसद किया जा रहा है। अब राजस्थान में उनके साथ 15 महिलाएं जुड़ी है जो पेंटिंग तैयार करने में मदद करती है। इन पेंटिंग की कीमत 500 रुपए से लेकर 3500 रुपए तक रखी गई है।

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