International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

विभिन्न प्रदेशों से आए शिल्पकार वेस्ट चीजों के माध्यम तैयार कर रहे है उत्पाद

ब्रह्म सरोवर के पावन तट पर गीता महोत्सव के सरस मेले पर आए कलाकार अपनी शिल्पकला का शानदार प्रदर्शन कर रहे है। ये कलाकार देश के विभिन्न राज्यों हिमाचल, राजस्थान, बिहार, सिक्किम, जम्मू-कश्मीर आदि प्रदेशों से आए है। ये कलाकार अपनी शिल्पकला के माध्यम से महोत्सव में चार चांद लगाने का काम कर रहे है। इन कलाकारों द्वारा अपने-अपने देश की वेशभूषा, पहरावे और रहन-सहन का प्रदर्शन भी महोत्सव में आने वाले पर्यटकों के लिए कर रहे है।
राजस्थान के बाड़मेर से आए जोगेश्वर ने अपनी पारंपरिक कला का प्रदर्शन करते हुए हाथ से बनी वस्तुए जिसमें से गद्दी, चदर, वॉल हैगिंग, बैंग जिसमें हाथी की आकृति वाले चित्र है, को वेस्ट समान से तैयार किया गया है। यह सारा देखने में काफी अद्भुत है। इसके साथ-साथ वेलवेट के कपड़े पर हाथी की तस्वीर बहुत ही आकर्षक दृश्य पैदा कर रही है। यह सभी समान हाथों से ही निर्मित किया गया है। इसके साथ-साथ पारंपरिक जैकेट जिसकी कीमत लगभग 4 हजार है को भी दर्शक खूब पसंद कर रहे है। शिल्पकारों द्वारा बड़े ही आकर्षक तरीके से मोती, शंख, स्टोन, नग इत्यादि सजावटी चीजों का इस्तेमाल करके सुंदर-सुंदर हस्तनिर्मित उत्पाद तैयार किए है। शिल्पकारों का कहना है कि महोत्सव का माहौल उन्हें खूब पसंद आता है और वह हर वर्ष अपनी-अपनी शिल्पकला का प्रदर्शन करने के लिए महोत्सव में पहुंचते है।

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