


हुनर की मुस्कान—अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में सांस्कृतिक हस्तकला की अनोखी झलक प्रस्तुत हुई, जहाँ रंगों, परंपरा और सृजन से सजी हस्तनिर्मित गुड़ियाएँ देखने को मिलीं। ये गुड़ियाएँ केवल खिलौने नहीं, बल्कि हर गुड़िया में भारतीय संस्कृति और कला की एक अनोखी कहानी समाहित है। दर्शक इन खूबसूरत कृतियों को देखकर मंत्रमुग्ध हो गए और यह अनुभव परंपरा, नवाचार और हुनर के अद्भुत संगम का प्रतीक बन गया।