


अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में सांस्कृतिक रंगों की सुगंध और परंपराओं की मुस्कान ने दर्शकों का मन मोह लिया। इस महोत्सव में देश की जनजातीय कला और विविध सांस्कृतिक धरोहर को मंच मिलते हुए इसकी अनमोल पहचान को उजागर किया गया। कलाकारों की जीवंत प्रस्तुतियों, रचनात्मकता और पारंपरिक भावनाओं ने दर्शकों को एक अद्भुत सांस्कृतिक अनुभव से जोड़ते हुए भारत की सांस्कृतिक विविधता और धरोहर की गरिमा को शानदार रूप में प्रदर्शित किया।