





लाड़वा में आयोजित गीता जयंती समारोह 2025 बच्चों की रचनात्मक प्रतिभा का ऐसा अद्वितीय मंच बना, जहाँ नन्हे हाथों ने कल्पना, संस्कृति और कला का एक दिव्य संगम प्रस्तुत किया। किसी कोने में बाल कृष्ण की मोहक छवि भाव-विभोर कर रही थी, तो कहीं भगवद् गीता की आध्यात्मिकता को रंगों में पिरोती मनमोहक रंगोलियाँ आकर्षण का केंद्र बनीं। सांझी माता की पारंपरिक कला ने तो दर्शकों के दिलों में भक्ति और सौंदर्य का जादू ही बिखेर दिया। हर चित्र, हर रंगोली और हर रचना में बच्चों की संवेदनशीलता, भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान और भविष्य की उज्ज्वल सोच झलक रही थी। पूरा परिसर मानो कला, भक्ति और संस्कृति की पावन ऊर्जा से आलोकित हो उठा, जहाँ हर कदम पर सृजन की चमक महसूस की जा सकती थी। लाड़वा के इन प्रतिभाशाली नन्हे कलाकारों ने गीता जयंती को न सिर्फ मनाया, बल्कि अपनी कला से इसे अविस्मरणीय बना दिया।