International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 की गीता महाआरती कार्यक्रम का हुआ आगाज

सांध्यकालीन महाआरती में नप की निवर्तमान अध्यक्षा उमा सुधा ने की शिरकत, भजन संध्या कार्यक्रम भी हुआ शुरु
कुरुक्षेत्र 19 नवंबर विश्व प्रसिद्घ ब्रहमसरोवर के पावन तट पर गीता महाआरती से कुरुक्षेत्र की फिजा में अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 की महक फैल गई। इस महाआरती से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2022 की सांध्यकालीन गीता आरती का भी आगाज हुआ। इस फिजा को शंखों व वाद्य यंत्रों से निकली धुनों ने जहां पूरे वातावरण में भक्तिरस भर दिया वहीं महोत्सव के शुरु होने की आहट भी दी है।
नप की निवर्तमान अध्यक्षा उमा सुधा ने शनिवार को देर सायं ब्रहमसरोवर पुरुषोतमपुरा बाग में महोत्सव के गीता महाआरती कार्यक्रम का शुभारम्भ किया। इससे पहले नप की निवर्तमान अध्यक्षा उमा सुधा, श्री ब्राहमणों तीर्थोद्घार सभा के संरक्षक डा. सत्यदेव, मुख्य सलाहकार जयनारायण शर्मा, प्रधान श्याम सुंदर तिवारी, प्रधान महासचिव रामपाल शर्मा, पूर्व प्रधान पवन शर्मा ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर ब्रहमसरोवर की महाआरती और पूजा-अर्चना की तथा दीपशिखा प्रज्ज्वलित कर विधिवत रुप से कार्यक्रम का शुभारम्भ भी किया। इस महाआरती का गुणगान पंडित बलराम गौतम, पंडित सोमनाथ शर्मा, गोपाल कृष्ण गौतम, अनिल व रुद्र ने किया।
नप की निवर्तमान अध्यक्षा उमा सुधा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में हर वर्ष देश-विदेश से लाखों लोग आते है और बड़े स्तर पर होने वाले कार्यक्रमों का आनंद लेते रहे है। इस वर्ष भी देश व प्रदेश से पर्यटक महोत्सव का आनंद लेने के लिए पहुंचने शुरु हो गए है। ब्रहमसरोवर का कुरुक्षेत्र के इतिहास में एक धार्मिक और आध्यात्मिक जुड़ाव है। विभिन्न अवसरों पर इस तीर्थ के सरोवर में स्नान करने से पापों से मुक्ति मिलती है और पुण्य की प्राप्ति होती है। इसलिए इस पवित्र सरोवर की महाआरती करके मन को एक सुखद अनुभूति का अहसास होता है।

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