International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

Yagasang Tirth, Gyong

यज्ञसंग नामक यह तीर्थ कैथल से लगभग 5 कि.मी. दूर ग्यांेग नामक ग्राम के पूर्व में स्थित है। यह सर्वथा सत्य है कि कुरुक्षेत्र की 48 कोस की परिधि में स्थित अधिकाँश तीर्थों का सम्बन्ध महाभारत में वर्णित तीर्थों से है अथवा पुराणों में वर्णित तीर्थों से, विशेषतः वामन पुराण में उल्लिखित तीर्थों से है। इनमें से अधिकाँश तीर्थों के नाम तो महाभारत व पुराणों में वर्णित नाम से पूर्णतया साम्य रखते हैं जबकि कुछ तीर्थों के नामों में कालान्तर में कुछ परिवर्तन हो गया।
इस तीर्थ के सम्बन्ध में प्रचलित जनश्रुति इसका सम्बन्ध महाभारत काल से ही जोड़ती हंै। प्रचलित जनश्रुति के अनुसार गंगा देवी एवं उनके पुत्र गांगेय (भीष्म पितामह) ने महाभारत युद्ध के समय इस स्थान पर अत्यन्त यज्ञ-यागादि किये थे। यज्ञ-भूमि होने से ही इस तीर्थ का नाम यज्ञसंग तीर्थ तथा गांगेय से सम्बन्ध्ति होने पर ग्राम का नाम उस समय गांगेय पड़ा जो कालान्तर में अपभ्रंश होकर गियांेग के नाम से विख्यात हुआ।
तीर्थ के दक्षिण में स्थित सरोवर में लाखौरी ईंटों से निर्मित एक घाट है। सरोवर के ऊपरी भाग तक पहुँचने वाली सीढ़ियों के दोनों ओर तीन तीन मेहराब युक्त कक्ष बने हुए हैं। घाट पर अष्टकोणाकृति की बुर्जियाँ बनी हुई हैं जिससे विदित होता है कि कुरुक्षेत्र भूमि के अन्य तीर्थों की तरह इस तीर्थ का जीर्णोद्धार भी उत्तर मध्यकाल मे हुआ होगा।

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