International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

Vaman Tirth, Saungal

वामन नामक यह तीर्थ कैथल से लगभग 18 कि.मी. दूर सौंगल गाँव के दक्षिण- पश्चिम में स्थित है। सौंगल स्थित इस तीर्थ के नाम एवं महत्त्व का महाभारत एवं वामन पुराण दोनों में स्पष्ट उल्लेख मिलता है। महाभारत में इस तीर्थ का वर्णन इस प्रकार मिलता है:
ततोवामनकं गच्छेत् त्रिषुलोकेषु विश्रुतम्।
तत्रविष्णुपदे स्नात्वा अर्चयित्वा च वामनं।
सर्वपाप विशुद्धात्मा विष्णुलोकमाप्नुयात्।
(महाभारत, वन पर्व 83/103-104)
अर्थात् तत्पश्चात् तीनों लोकों में विख्यात वामन नामक तीर्थ में जाना चाहिए। वहाँ विष्णुपद में स्नान कर तथा वामन भगवान की पूजा करने वाला मनुष्य सभी पापों से मुक्त होकर विष्णुलोक को प्राप्त करता है। वामन पुराण में इस तीर्थ का महत्त्व इस प्रकार बताया गया है:
ततो वामनकं गच्छेत् त्रिषु लोकेषु विश्रुतम्।
यत्र वामनरूपेण विष्णुना प्रभविष्णुना।
बलेरपहृतं राज्य इन्द्राय प्रतिपादितम्।
तत्र विष्णुपदे स्नात्वा अर्चयित्वा च वामनम्।
सर्वपापं विशुद्धात्मा विष्णुलोकमाप्नुयात्।
(वामन पुराण 36/64-66)
अर्थात् तत्पश्चात् तीनों लोकों में प्रसिद्ध वामन तीर्थ में जाए जहाँ भगवान विष्णु ने वामन रूप धारण कर राजा बलि के राज्य का हरण कर उसे इन्द्र को प्रदान किया। वहाँ स्नान करकें विष्णु और वामन का अर्चन करके मनुष्य सब पापों से शुद्ध हो कर विष्णु लोक को प्राप्त कर लेता है।
तीर्थ स्थित मन्दिर की दीवारों पर कई भित्ति चित्र हैं जिनमें शेषशायी विष्णु, नाभि कमल से प्रकट होते ब्रह्मा, हनुमान, रासलीला, ब्रह्माण्ड दर्शन, मत्स्यावतार, भैरव, ब्रह्मा एवं कृष्ण के चित्र प्रमुख हैं।

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