International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में लकड़ी के हस्तशिल्प ने भारतीय कला और संस्कृति को नया आयाम दिया!

लकड़ी से बनी कलाकृतियाँ न केवल भारतीय हस्तशिल्प की अद्भुत सुंदरता को दर्शाती हैं, बल्कि हमारे समृद्ध परंपराओं और शिल्प कौशल का प्रतीक भी हैं। महोत्सव में प्रदर्शित हर एक लकड़ी की शिल्पकला में प्रकृति से जुड़ी नजाकत, मेहनत और समर्पण की छाप थी। इन कलाकृतियों में भारतीय ग्रामीण जीवन की आत्मा और हमारी संस्कृति की गहरी जड़ें नज़र आ रही थीं। ????????

लकड़ी के हर एक हस्तशिल्प ने समृद्धता, शांति और समर्पण की भावना को दर्शाया। इसके जरिए कलाकारों ने न केवल परंपरागत कला को जीवित रखा, बल्कि दुनिया को दिखाया कि भारतीय शिल्प में बेजोड़ खूबसूरती और सूक्ष्मता है। ????????

महोत्सव में लकड़ी के हस्तशिल्प ने दर्शकों को भारतीय कलाओं की असली महिमा से परिचित कराया और हर कृति में प्रकृति के साथ संगति का अद्वितीय संदेश दिया।

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