


ब्रह्मसरोवर की पवित्र तटभूमि पर भक्ति रस से सराबोर यह संध्या उपस्थित श्रद्धालुओं के हृदय को मंत्रमुग्ध कर देने वाली थी। गायन मंडली ने अपने मधुर स्वर और साधना से ऐसा अद्भुत वातावरण निर्मित किया कि हर भक्त प्रभु के नाम में डूब गया। संगीत, साधना और श्रद्धा—तीनों का यह अनूठा संगम गीता महोत्सव की विशेष झलक बनकर सामने आया।