International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी जी ने ब्रह्मसरोवर में संध्या आरती में सम्मिलित होकर की दिव्य पूजा-अर्चना

प्रधानमंत्री के आगमन से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में जगमगाया कुरुक्षेत्र

मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने किया भव्य स्वागत

कुरुक्षेत्र, 25 नवंबर। मंगलवार को चल रहे अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव-2025 में पावन ब्रह्मसरोवर की दिव्य वेला उस समय अलौकिक हो उठी जब प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी ने मंत्रोच्चारण के बीच महाआरती में हिस्सा लिया। प्रधानमंत्री ने दीपशिखा प्रज्वलित कर विधिवत रूप से महाआरती का शुभारम्भ किया और देशवासियों की उन्नति, समृद्धि तथा विश्व कल्याण की प्रार्थना की।

प्रधानमंत्री के आगमन पर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पुष्पगुच्छ भेंट कर स्वागत किया। इस अवसर पर हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद महाराज, केडीबी के सदस्य तथा देश–विदेश से आए विद्वान भी उपस्थित रहे। प्रधानमंत्री का यह दौरा कुरुक्षेत्र के गौरवशाली अध्याय में एक नए ऐतिहासिक पल के रूप में दर्ज हो गया।


ब्रह्मसरोवर पर आध्यात्मिक आलोक

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ब्रह्मसरोवर के दिव्य वातावरण में आरती के दौरान वहां की आध्यात्मिक गरिमा का अवलोकन किया। इसके पश्चात वे पुरुषोत्तमपुरा बाग में आयोजित महाआरती कार्यक्रम में भी सम्मिलित हुए।

इस दौरान प्रधानमंत्री ने कहा कि “कुरुक्षेत्र की पावन धरा से भगवान श्रीकृष्ण ने पूरे विश्व को गीता का संदेश दिया। गीता का ज्ञान आज भी मानवता के लिए मार्गदर्शन का स्रोत है। विश्वभर में इसकी उपयोगिता और प्रभाव बढ़ रहा है, और इसी कारण कुरुक्षेत्र की पहचान आध्यात्मिक दृष्टि से अनूठी है।”

उन्होंने आगे कहा कि हर वर्ष कुरुक्षेत्र विकास बोर्ड तथा सूचना, जनसंपर्क एवं भाषा विभाग सहित अनेक संस्थाएं मिलकर गीता महोत्सव को भव्य रूप में मनाती हैं, जो आज विश्व-स्तरीय आयोजन बन चुका है।


प्रधानमंत्री ने किया ऐतिहासिक स्मृति-चित्र का अवलोकन

ब्रह्मसरोवर के दर्शन उपरांत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भगवान श्रीकृष्ण और अर्जुन के रथ के समक्ष केडीबी सदस्यों तथा विभिन्न देशों से आए शोधकर्ताओं के साथ एक स्मृति-चित्र भी लिया। इस ऐतिहासिक तस्वीर में राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी भी सम्मिलित रहे।


गीता: मानवता का शाश्वत समाधान

प्रधानमंत्री ने देशवासियों को अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि “ज्योतिसर की पावन भूमि से संपूर्ण विश्व को गीता का अमृत-ज्ञान प्राप्त हुआ। गीता के उपदेशों में मानव जीवन की हर समस्या का समाधान निहित है। इसके श्लोकों का स्मरण मन को शांति देता है और आध्यात्मिक ज्ञान को प्रखर बनाता है।”

उन्होंने इस महाआरती को “सांध्यकाल में आत्मा को आनंद से भर देने वाला अद्वितीय अनुभव” बताया।

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