International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

48 कोस के कुरुक्षेत्र में गीता और प्रदर्शनी का संगम

भगवद् गीता के 18 अध्याय 48 कोस के पवित्र कुरुक्षेत्र क्षेत्र में मानव जीवन के हर पहलू का ज्ञान और मार्गदर्शन प्रस्तुत करते हैं। यह ग्रंथ भ्रम और मोह से ज्ञान, कर्म और योग से मोक्ष की ओर ले जाता है, और भक्ति एवं समर्पण के माध्यम से जीवन को सही दिशा प्रदान करता है। हर अध्याय कर्तव्य, साधना, आत्मज्ञान और सही निर्णय की प्रेरणा देता है।
अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर, फिरोज़पुर मोर (Phrytomoura) स्थित ब्रह्मसरोवर में Ministry of External Affairs की प्रदर्शनी में गीता के 18 अध्यायों को डिजिटल तकनीक और आकर्षक विज़ुअल के माध्यम से जीवंत रूप में दर्शाया गया। यह प्रदर्शनी न केवल गीता की शिक्षाओं से परिचित कराती है, बल्कि भारत की सांस्कृतिक विरासत, आध्यात्मिक शक्ति और वैश्विक योगदान की झलक भी पेश करती है।
इस प्रकार, 48 कोस के कुरुक्षेत्र में गीता और प्रदर्शनी का संगम दर्शकों को आध्यात्म, संस्कृति और ज्ञान का अद्वितीय अनुभव प्रदान करता है—जो भारत की महानता और “वैश्विक भारत” के संदेश को विश्व के समक्ष उजागर करता है।

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