


अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 की सांस्कृतिक संध्या में साध्वी पूर्णिमा जी द्वारा प्रस्तुत भक्ति-पूर्ण कार्यक्रम ने पुरूषोत्तमपुरा बाग के पूरे वातावरण को दिव्यता और आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित कर दिया। उनके मधुर भजनों, सुरों में निहित श्रद्धा और भावनाओं से भरी प्रस्तुति ने उपस्थित जन-समूह के हर हृदय को भक्ति, शांति और आध्यात्मिक आनंद से भर दिया। यह संध्या न केवल भक्ति और संगीत का अद्भुत संगम थी, बल्कि महोत्सव की सांस्कृतिक महिमा को भी नई ऊँचाईयों पर ले गई। उनके सुर, ताल और माधुर्य ने पूरे परिसर को मंत्रमुग्ध कर देने वाला अनुभव प्रदान किया, मानो पूरा क्षेत्र भक्ति-रस और आध्यात्मिक आनंद से सराबोर हो उठा हो। इस दिव्य अनुभव ने अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को यादगार और अनुपम बना दिया, जहाँ श्रद्धालु, दर्शक और कलाकार एक साथ आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समरसता का अनुभव कर सके।