


माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र दामोदरदास मोदी जी की ब्रह्मसरोवर आगमन से अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव का वातावरण सचमुच दिव्यता से भर उठा। संध्या के उस पावन क्षण में जब दीपों की सुनहरी आभा जल पर थिरक रही थी, मंत्रोच्चारण और शंखध्वनि पूरे माहौल में अलौकिक ऊर्जा बिखेर रहे थे। प्रधानमंत्री मोदी जी ने विधिवत संध्या आरती में भाग लेकर विश्व शांति, मानव कल्याण और सामाजिक सद्भाव की मंगल कामनाएँ कीं। उनकी उपस्थिति ने न केवल आरती को गरिमामयी बनाया, बल्कि गीता की धरती को राष्ट्रीय गौरव, अध्यात्म और परंपरा की अद्भुत अनुभूति से ओत-प्रोत कर दिया। यह दिव्य दृश्य ब्रह्मसरोवर के जल में प्रतिबिंबित होकर मानो स्वर्गीय आभा सा प्रतीत हुआ—एक ऐसा क्षण, जिसे देखने वाला सदैव याद रखेगा।