

गीता महोत्सव का पवित्र वातावरण केवल भक्ति और अध्यात्म का केंद्र नहीं है, बल्कि यह विश्व संस्कृति का अद्वितीय संगम भी प्रस्तुत करता है। महोत्सव में Turkmenistan जैसी विदेशी परंपराओं की झलक, पारंपरिक कढ़ाई, रंग-बिरंगे वस्त्र और हस्तशिल्प की मनमोहक प्रस्तुति दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती है। यहाँ विदेशी कलाकारों का उत्साह और भारतीय दर्शकों की जिज्ञासा मिलकर एक जीवंत सांस्कृतिक संवाद रचते हैं।
इस आयोजन में गीता का दिव्य ज्ञान और विश्व संस्कृति का सम्मान साथ-साथ जीवंत होता है, जिससे हर आगंतुक को आध्यात्म, कला और संस्कृति का अद्वितीय अनुभव प्राप्त होता है। यही महोत्सव की असली विशेषता है—जहाँ भारत की विविधता और वैश्विक कला का मेल एक यादगार अनुभव बनकर सामने आता है।