
कुरुक्षेत्र, 4 दिसंबर। अंतर्राष्ट्रीय गीता जयंती महोत्सव-2025 में ‘गोमय स्वावलंबी यात्रा’ विशेष आकर्षण का केंद्र बनी रही, जहाँ पंचगव्य से जुड़े मूल्यवान ज्ञान ने सभी का ध्यान अपनी ओर खींचा। महर्षि विद्या मंदिर विद्यालय, कुरुक्षेत्र के विद्यार्थियों और विद्यालय परिवार ने पवित्र ब्रह्मसरोवर पर गुरु-परंपरा पूजन करते हुए अपनी सांस्कृतिक जड़ों के प्रति श्रद्धा व्यक्त की। इसके पश्चात छात्र-छात्राएँ स्टॉल नंबर 532 पर पहुँचे, जहाँ उन्हें तरुण जैन और पूनम रोहिल्ला ने पंचगव्य के महत्व, उसके वैज्ञानिक आधार और उससे निर्मित विविध प्राकृतिक उत्पादों की विस्तृत जानकारी दी। विद्यालय की प्रधानाचार्या ने कहा कि महर्षि जी के विद्यालय सदैव सरल, प्राकृतिक और वैज्ञानिक जीवनशैली अपनाने के साथ भावातीत ध्यान के माध्यम से तनावमुक्त, आनंदपूर्ण एवं सशक्त जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस ज्ञान को अपने जीवन में अपनाकर एक आदर्श, स्वस्थ और स्वावलंबी समाज निर्माण में योगदान दें।