

उज़्बेकिस्तान का Crafts Pavilion गीता महोत्सव में अपनी अनोखी पहचान बनाए हुए है। पारंपरिक कढ़ाई, रंग-बिरंगे वस्त्र और सुंदर ओरिएंटल पैटर्न—हर कलाकृति परंपरा और कला का अद्भुत संगम प्रस्तुत करती है। सिल्की इकट, हैंडलूम और अन्य पारंपरिक डिज़ाइनों से सजी ये कलाकृतियाँ दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर देती हैं और उनकी आत्मा में संस्कृति की गूँज भर देती हैं।
दर्शकों की उत्सुकता और कलाकारों की रचनात्मकता मिलकर महोत्सव में विश्व संस्कृति और भारतीय आध्यात्मिकता का सुंदर मेल रचते हैं। यह अनुभव न केवल कला और परंपरा का प्रदर्शन है, बल्कि वैश्विक सांस्कृतिक समरसता और भारतीय अध्यात्म के जीवंत संगम का प्रतीक भी है।