




अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 के तीसरे दिन, ब्रह्मसरोवर स्थित पुरुषोत्तम बाग में स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने दीप प्रज्वलित कर और गीता पर पुष्पांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उन्होंने अपने आशीर्वचन में कहा कि पवित्र ग्रंथ भगवद गीता केवल धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन-दर्शन है, जो मानवता को शांति, संतुलन और सद्भाव का संदेश देती है। स्वामी ज्ञानानंद महाराज ने बताया कि गीता के उपदेश धर्म, कर्तव्य और निष्काम कर्म की समझ देकर एक सार्थक और उद्देश्यपूर्ण जीवन जीने की प्रेरणा देते हैं। उन्होंने भक्तों से आह्वान किया कि गीता के संदेशों को जीवन में अपनाना ही असली गीता का अनुसरण है। कार्यक्रम में शास्त्री संजीव कृष्ण ठाकुर द्वारा भावपूर्ण भागवत पाठ और भजन संकीर्तन प्रस्तुत किया गया, जिसने समस्त वातावरण को भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। गीता हमें द्वेष, भय और मोह से मुक्त होकर समभाव से जीना सिखाती है – यही वैश्विक एकता और सच्ची मानवता का मार्ग है।