


धर्मक्षेत्र–कुरुक्षेत्र में उमड़ी जनसागर ने गीता महोत्सव की भव्यता को और भी विशिष्ट बना दिया। हस्तशिल्प की रंग-बिरंगी दुकानों, परंपरागत कलाओं, शानदार सजावट और सांस्कृतिक झांकियों ने हर आगंतुक के मन में उत्साह और आनंद भर दिया। यह मेला केवल मनोरंजन का स्थान नहीं है, बल्कि भारत की विरासत, कला, कौशल और सांस्कृतिक विविधता का ऐसा संगम है, जो हर कदम पर नई अनुभूति और प्रेरणा प्रदान करता है।