International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव – सांध्यकालीन महाआरती

पवित्र ग्रंथ गीता है शक्ति का प्रतीक, गीता अध्यात्म और शांति का मार्ग: श्याम सिंह राणा
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव – सांध्यकालीन महाआरती**
कुरुक्षेत्र, 29 नवंबर।
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के अवसर पर आयोजित सांध्यकालीन महाआरती में हरियाणा के कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा ने कहा कि गीता शक्ति का प्रतीक है। गीता अध्यात्म और शांति का रास्ता दिखाती है। सदियों पूर्व भगवान श्रीकृष्ण द्वारा दिया गया उपदेश आज भी मानव जीवन का मार्गदर्शन करता है। उन्होंने कहा कि गीता कोई साधारण ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन का जीता-जागता दर्शन है। यह स्वस्थ जीवन का मूलमंत्र और जीवन जीने की कला बताती है।
मुख्य अतिथि के रूप में पुरुषोत्तमपुरा बाग, ब्रह्मसरोवर में आयोजित महाआरती कार्यक्रम में पहुंचकर कृषि मंत्री श्याम सिंह राणा, चेयरमैन धर्मवीर मिर्जापुर तथा केडीबी के मानद सचिव उपेंद्र सिंघल ने दीपशिखा प्रज्वलित कर विधिवत महाआरती का शुभारंभ किया। इससे पहले डीएवी पब्लिक स्कूल सेक्टर–3 के शिक्षक विशाल रहलान ने भजन संध्या की प्रस्तुति दी।
श्याम सिंह राणा ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य है कि गीता का पवित्र ज्ञान घर-घर पहुंचे। इसी उद्देश्य से अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव को विभिन्न सोशल मीडिया माध्यमों से विदेशों और देश के गांव–गांव तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी में गीता मनुष्य के लिए औषधि के समान है, जिसे हर व्यक्ति को समझना चाहिए।
कृषि मंत्री ने कहा कि भगवान कृष्ण द्वारा कुरुक्षेत्र की धरा पर दिया गया संदेश आज भी मानव जीवन को दिशा दे रहा है। आने वाली पीढ़ियों को भी इस परंपरा को आगे बढ़ाना चाहिए। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि देश का भविष्य तभी सुरक्षित है जब युवा सकारात्मक विचारों से युक्त हों, और इसके लिए गीता का ज्ञान अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि भारत सदियों से ऋषि-मुनियों की पावन भूमि रही है, जिन्होंने हमेशा विश्वकल्याण की भावना से कार्य किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारत विश्वगुरु बनने की दिशा में अग्रसर है।
कृषि मंत्री ने कहा कि गीता हमें सिखाती है कि कर्म करो, परंतु उसमें लिप्त मत हो। गीता भारतीय दर्शन की जीवन-पद्धति है, जिसमें हर समस्या का समाधान है। यह मृत्यु के भय से मुक्ति दिलाती है और जीवन को सही दृष्टि प्रदान करती है।
उन्होंने कहा— पवित्र गीता किसी एक धर्म की नहीं, बल्कि पूरी मानवजाति को जीने की कला सिखाती है।
इस अवसर पर पंडित बलराम गौतम, पंडित सोमनाथ शर्मा, गोपाल कृष्ण गौतम, अनिल और रुद्र ने महाआरती का गुणगान किया।
केडीबी की ओर से सभी मेहमानों को स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में केडीबी सदस्य विजय नरुला, डॉ. एम.के. मोदगिल, कैप्टन अमरजीत सिंह, अशोक रोशा, डॉ. ऋषिपाल मथाना, मेला प्राधिकरण के सदस्य डॉ. अवनीत वडैच, सौरभ चौधरी, सैनी समाज सभा के प्रधान गुरनाम सैनी, हरमेश सिंह सैनी, सुशील राणा, डॉ. अलकेश मोदगिल, राजेश कुमार, डॉ. संदीप छाबड़ा, रोशन बेदी, डॉ. सुशील टाया सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
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