








अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में आज हरियाणा पवेलियन ने रंगों, संगीत और लोकनृत्य की अद्भुत छटा से सभी का मन मोह लिया। पारंपरिक पोशाकों में कलाकारों की ऊर्जा, ढोल-ताशों की थाप और दर्शकों की उमड़ी भीड़ ने इस मंच को एक सजीव सांस्कृतिक महाकुंभ में बदल दिया।
हरियाणा की लोक कला, गीत-संगीत और नृत्य ने दर्शकों को जैसे भक्ति, आनंद और उत्साह की अद्भुत अनुभूति कराई। इस पवेलियन ने यह संदेश भी दिया कि हमारी सांस्कृतिक विरासत आज भी लोगों के हृदय में जीवित और प्राणवंत है।
गर्व, परंपरा और संस्कृति का यह संगम हर किसी को मंत्रमुग्ध कर गया और यह अनुभव इस महोत्सव को और भी दिव्य और यादगार बना गया।