International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

ब्रहमसरोवर की महाआरती में राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय, पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने की शिरकत

पवित्र ग्रंथ गीता के उपदेश पूरे विश्व को दे रहे है शांति और सदभावना का संदेश:दत्तात्रेय
ब्रहमसरोवर की महाआरती में राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय, पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने की शिरकत, केडीबी की तरफ से मेहमानों स्मृति चिन्ह देकर किया गया सम्मानित
 राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि पवित्र ग्रंथ पूरी दुनिया को आध्यात्मिक और दार्शनिक तरीके से देखना-समझना सिखाता है, जिंदगी को जीना सिखाता है। हम अपने जीवन और उसके उदेश्यों को लेकर कई तरह के प्रश्नों से जूझते रहते है, लेकिन यह पवित्र ग्रंथ हमें हर प्रश्नों का जवाब बहुत अच्छे तरीके से देता है। यह ज्ञान हर मनुष्य के लिए जरूरी है।
राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय शनिवार को देर सायं ब्रहमसरोवर पुरुषोतमपुरा बाग में महोत्सव के गीता महाआरती कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रुप में बोल रहे थे। इससे पहले राज्यपाल बंडारु दत्तात्रेय, पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित, गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद, परिवहन मंत्री मूलचंद शर्मा, सांसद नायब सिंह सैनी, विधायक सुभाष सुधा, स्वामी धर्मदेव जी महाराज, बंसीपुरी, संत देवेंद्रानंद गिरि, जैन संत विवेकमुनि, संत गुरविंदर सिंह, ज्ञानेंद्र दास महाराज, मुख्यमंत्री के मुख्य मीडिया सलाहकार अमित आर्य, मुख्यमंत्री के राजनैतिक सलाहकार भारत भूषण भारती, मुख्यमंत्री के मीडिया कोआर्डिनेटर जगमोहन आनंद, अंबाला मंडल की आयुक्त रेणु फुलिया, केडीबी मानद सचिव मदन मोहन छाबड़ा, केडीबी सीईओ चंद्रकांत कटारिया सहित अन्य गणमान्य लोगों ने अंतर्राष्टï्रीय गीता महोत्सव पर ब्रहमसरोवर की महाआरती और पूजा-अर्चना की तथा दीपशिखा प्रज्ज्वलित कर विधिवत रुप से महाआरती का शुभारम्भ भी किया। इस महाआरती का गुणगान पंडित बलराम गौतम, पंडित सोमनाथ शर्मा, गोपाल कृष्ण गौतम, अनिल व रुद्र ने किया।
राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय ने कहा कि पवित्र ग्रंथ गीता विश्व का एक महान ग्रंथ है। इस ग्रंथ में कहे गए एक-एक श्लोक में मानवता के लिए कुछ ना कुछ है। इसलिए अपने जीवन को सफल बनाने और सही मार्गदर्शन के लिए प्रत्येक मनुष्य को अपने जीवन में पवित्र ग्रंथ गीता के श्लोकों को धारण करना चाहिए। इस ग्रंथ के प्रत्येक श्लोक को स्मरण करने से मन को अध्यात्मिक शांति का अनुभव होता। विश्व में गीता की पूजा हो रही है। पवित्र ग्रंथ गीता में कहा गया है कि चिंता चिता के सम्मान है। आज के समय में तनाव के कारण तरह-तरह की बीमारियां से मनुष्य ग्रस्त हो रहा है। ऐसे में पवित्र ग्रंथ गीता का ज्ञान बड़ा ही फायदेमंद है।
पंजाब के राज्यपाल बनवारी लाल पुरोहित ने कहा कि धर्मक्षेत्र कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर हजारों वर्ष पूर्व भगवान श्रीकृष्ण ने गीता के उपदेश दिए। इस धर्मनगरी से पूरे विश्व को कर्म करने का संदेश मिल रहा है। यह खुशी का अवसर है कि कुरुक्षेत्र की पावन धरा पर अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव के माध्यम से पूरी दुनिया को शांति का संदेश दिया जा रहा है। इस गीता स्थली पर हिंदुस्तान के संतों ने अपनी ओजस्वी वाणी से पूरी दुनिया को गीता के उपदेशों पर चलने के लिए प्रेरित किया है। इस भूमि की तरफ पूरा विश्व आकर्षित हो रहा है।

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