सांस्कृतिक नगाड़ों और लोक वाद्यों की धुन – अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में ब्रह्मसरोवर के तट पर परंपरागत वाद्यों की गूंज ने पूरे वातावरण में उत्सव, भक्ति और […]
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव 2025 में ब्रह्मसरोवर के तट पर परंपरागत वाद्यों की गूंज ने पूरे वातावरण में उत्सव, भक्ति और […]
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव में गोवर्धनधारी श्रीकृष्ण के मधुर भजन ने सरोवर तट पर छाई भक्ति-रस की अनूठी छटा प्रस्तुत की।
ब्रह्मसरोवर की रात, हरी पत्तियों की छाया और स्वर्णिम मंदिर की झिलमिलाती रोशनी—यह दृश्य केवल आँखों को नहीं, बल्कि मन
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव केवल एक नाट्य प्रस्तुति नहीं, बल्कि मर्यादा, त्याग और आदर्शों का जीवंत अनुभव है। मंच पर राम,