International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

गीता के उपदेशों के कारण ही इस देश की संस्कृति और संस्कार अभी भी कायम हैं: नवम धानिया

जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह के तीसरे दिन आयोजित विशाल शोभायात्रा

तहसीलदार नवम धानिया ने कहा कि भारत की महान संस्कृति और संस्कारों की नींव श्रीमद्भागवत गीता के उपदेशों पर आधारित है। उन्होंने कहा कि इस देश की मिट्टी के कण-कण में गीता का संदेश समाया हुआ है और इसे पूरी दुनिया में फैलाने के लिए निरंतर प्रयास हो रहे हैं। गीता का उपदेश मानवता को एकता और शांति का संदेश देता है और जीवन की हर समस्या, कठिनाई, और तनाव का समाधान इसमें मिलता है।

यह वक्तव्य उन्होंने हिंदू हाई स्कूल में आयोजित जिला स्तरीय गीता जयंती समारोह के तीसरे दिन विशाल शोभायात्रा के दौरान मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए दिया। शोभायात्रा का आयोजन गीता के उपदेशों को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से किया गया था।

नवम धानिया ने कहा कि भगवान श्री कृष्ण ने अर्जुन को जो उपदेश दिए, उनके कारण ही आज भी इस देश की संस्कृति और संस्कार जीवित हैं। उन्होंने यह भी कहा कि गीता ने हमें कर्म करने का, बिना फल की इच्छा के अपने कर्तव्यों का पालन करने का संदेश दिया है, जो आज भी हर व्यक्ति के जीवन का मार्गदर्शन करता है।

उन्होंने आगे कहा कि आज भी अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव के माध्यम से दुनिया भर में गीता के उपदेश फैलाए जा रहे हैं, जिससे पूरी मानवता को धर्म, शिक्षा और संस्कार प्राप्त हो रहे हैं। उन्होंने यह भी व्यक्त किया कि गीता के उपदेशों से हम सभी को कर्म की राह पर आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है और यही हमें अपने जीवन को संपूर्ण रूप से बदलने का मार्ग दिखाता है।

कार्यक्रम के अंत में आयोजन समिति ने नवम धानिया को स्मृति चिन्ह और शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर एआईपीआरओ बलराम शर्मा, नायब तहसीलदार बलकार सिंह, बीईओ हरदीप कौर, हिंदू हाई स्कूल के चेयरमैन पवन गर्ग, और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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