International Gita Mahotsav

 

INTERNATIONAL GITA MAHOTSAV

(5 to 25 December 2026)

Kurukshetra, Haryana

कथक नृत्य के माध्यम से होती है भगवान की सच्ची अराधना

जयपुर घराने के नृत्य कथक के माध्यम से दीपक अरोड़ा, डा. सुभा अरोड़ा के साथियों ने दी दशावतार, द्रोपदी चीरहरण आदि प्रसंगों की सशक्त प्रस्तुति
अंतर्राष्ट्रीय गीता महोत्सव पर कला एवं सांस्कृतिक कार्य विभाग एवं हरियाणा कला परिषद द्वारा मल्टी आर्ट क्लचर सैंटर के सांस्कृतिक मंच पर कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। शनिवार को दीपक अरोड़ा व डा. सुभा अरोड़ा के साथियों ने जयपुर घराने के नृत्य कथक के माध्यम से दशावतार, द्रोपदी चीरहरण, भगवान कृष्ण की महिमा आदि का बखान अपनी सशक्त प्रस्तुति के माध्यम से दिया। संगीतमय, लयबद्ध, शास्त्रीय प्रस्तुति को देखकर सभी दर्शकों ने जोरदार ताली बजाकर इस ग्रुप का अभिवादन किया।
कार्यक्रम का शुभारम्भ दीपक अरोड़ा व डा. सुभा अरोड़ा के साथियों ने कथक शैली में दशावतर की प्रस्तुति देकर भगवान कृष्ण की विभिन्न लीलाओं का संजीव चित्रण मंच के माध्यम से किया। उनकी प्रस्तुति ने दर्शकों को अपने मोहपाश में बांधा। सभी दर्शक उनके साथ तालियां तथा झूमकर जुड़े रहे। अगली प्रस्तुति शास्त्रीय लय तीन ताल में संजी हुई बंदिश थी। इस प्रस्तुति से सभी दर्शक भारतीय शास्त्रीय लयकारी से परिचित हुए। इसके बाद सभी कलाकारों ने द्रौपदी चीरहरण प्रसंग का कथक नृत्य के माध्यम से बखान किया। इस प्रस्तुति ने द्रोपदी चीरहरण की गाथा का समावेश था जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम का समापन भगवान कृष्ण की वंदना करते हुए गोविंद बोलो, गोपाल बोलो के बोल पर कथक नृत्य की विभिन्न मुद्राओं का प्रदर्शन कलाकारों ने किया। उनकी प्रस्तुतियां पूरी तरह शास्त्रीय पद्धति पर आधारित रही और सभी दर्शकों ने खूब तालियां बजाकर उनका अभिवादन किया।
ग्रुप के मुख्य किरदार दीपक अरोड़ा ने बातचीत करते हुए बताया कि जयपुर घराने का नृत्य कथक भगवान की अराधना करने का बहुत बड़ा जरिया है। इस नृत्य वाले को गुरु राजेन्द्र गंगानी की प्रेरणा से तैयार किया गया है। इस परम्परा को आगे बढ़ाने के लिए गुरुग्राम में गुरुकुल म्यूजिक एवं डांस एकेडमी के माध्यम से आगे बच्चों को सिखाया जाता है ताकि हमारी गौरवशाली पारम्परिक नृत्य शैली आगे बढ़ती रहे और आने वाली पीढ़ी को भी इसके बारे में पता चलता रहे। बता दें कि नृत्यकार दीपक अरोड़ा दूरदर्शन के ग्रेडिड आर्टिस्ट है। वर्ष 2018 में भी इन्होंने गीता जयंती के मुख्य मंच पर अपनी प्रस्तुति दी थी। उनकी टीम ने उन सहित कुल 11 सदस्यों ने कथक नृत्य की प्रस्तुति से सभी का मनोरंजन किया।

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